नाइटिन पटेल दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे। उनकी अनुपस्थिति में हमारी भव्य 4BHK बंगले में नई हलचल शुरू हो गई थी। मैं नीतु पटेल, 28 साल की, 5'4" की कद-काठी, 36-32-40 की आकर्षक फिगर वाली ट्रेंडी और खूबसूरत औरत, अपने पति की अनुपस्थिति में खुद को आजाद महसूस कर रही थी। हमारे घर की पेंटिंग का काम मोहन लाल कर रहे थे, जो शारीरिक रूप से मजबूत और कामुक इंसान थे। शुरुआत में मोहन मेरी बोल्ड और थोड़ी अश्लील टिप्पणियों से चिढ़ते थे, लेकिन दोपहर होते-होते उनकी मर्दानगी ने मुझे आकर्षित कर लिया।
नाइटिन के जाने के बाद पहली शाम को ही माहौल बदल गया। मोहन ने मुझे बाथरूम में अकेला पाकर धीरे से कहा, "नीतु जी, आपकी हिम्मत तो देखिए, पति के जाते ही ऐसे इशारे!" मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मोहन, डरने की क्या बात? घर खाली है, रात भर का समय है।" उनकी आँखों में चमक देखकर मैं और आगे बढ़ी। "क्या तुम्हें मेरी 36-32-40 फिगर पसंद नहीं आई?" मोहन हँसे, "पसंद तो आई, लेकिन तुम इतनी तेज हो कि डर लगता है।" हमारी बातें बढ़ती गईं, व्यंग्यपूर्ण और तीखी। "अगर डर लगता है तो बाहर निकल जाओ," मैंने कहा। मोहन ने पास आकर कहा, "नहीं, अब तो अंदर ही रहना है।"
बाथरूम में ही तनाव बढ़ा। मोहन ने मुझे दीवार से लगाकर किस किया। मैंने उनकी शर्ट खींची और कहा, "जल्दी मत करना, पूरी रात है।" उनकी उंगलियाँ मेरी कमर पर घूमने लगीं। "तुम्हारी पत्नी जैसी बातें करती हो, लेकिन शरीर तो औरत का है," मोहन ने व्यंग्य किया। मैंने जवाब दिया, "पत्नी धर्म निभाऊंगी, लेकिन यहां तो मजा लेना है।" पानी की बौछार के नीचे हम गर्म हो गए। मोहन ने मेरी साड़ी उतारी, मैंने उनकी पैंट खोली। उनका hard cock मेरे हाथ में आया। "कितना बड़ा है," मैंने कहा। "तुम्हारी wet pussy के लिए बिल्कुल सही," उन्होंने जवाब दिया।
हम बाथरूम से हॉल के काउच पर आए। मोहन ने मुझे नीचे लिटाया और धीरे से अंदर घुसा। "Condom नहीं पहना?" मैंने पूछा। "डर मत, control में हूँ," उन्होंने कहा। मैंने हँसकर कहा, "अंदर मत गिराना।" लेकिन उनकी speed बढ़ गई। sweating और panting शुरू हो गई। "तुम कितनी horny हो," मोहन ने कहा। "तुम्हारे cock की वजह से," मैंने जवाब दिया। उनका cum बाहर गिरा, लेकिन दोपहर में उन्होंने अंदर डाला। "कुछ हुआ तो नहीं?" मैंने पूछा। "कुछ नहीं," उन्होंने आश्वासन दिया।
रात भर हम काउच, किचन में घूमे। मोहन ने मुझे किचन काउंटर पर उठाया। "यहाँ भी?" मैंने पूछा। "पूरे बंगले में," उन्होंने कहा। उनकी उंगलियाँ मेरी ass पर घूमीं। "तुम मजबूत हो, लेकिन मैं हावी रहूंगी," मैंने कहा। हमारी डायलॉग तीखी थी। "तुम्हारा pussy dripping कर रहा है," मोहन ने कहा। "तुम्हारे thrusts की वजह से," मैंने जवाब दिया। पहली रात का climax आया जब मोहन ने मुझे पीछे से लिया। हम दोनों came एक साथ।
सुबह 6 बजे मोहन उठे और 10 आदमियों को लेकर काम शुरू कर दिया। दिन भर घर का काम तेज चला। दोपहर को मोहन ने मुझे ससुर के कमरे में ले जाकर फिर से लिया। "यहाँ भी?" मैंने कहा। "हर जगह," उन्होंने जवाब दिया। फोन आया नाइटिन का। मोहन ने स्पीकर पर रखा। नाइटिन ने पूछा, "काम कितना हुआ?" मोहन ने double meaning में जवाब दिया, "सब जगह अच्छे से हो रहा है, अंदर तक पहुँच गए हैं।" मैं उनकी चुदाई में panting कर रही थी, लेकिन control रखा।
नाइटिन से बात पूरी की बिना जल्दी काटे। मोहन ने speed बढ़ाई और अंदर cum कर दिया। "प्रेग्नेंट हो गई तो?" मैंने बाद में सोचा, लेकिन उस वक्त मजा ले रही थी। रात को हॉल और सीढ़ियों पर नई मुद्राओं में चुदाई हुई। मोहन ने कहा, "तुम्हारी ass कितनी tight है।" मैंने कहा, "तुम्हारा cock इसे खोल रहा है।" पूरी रात नई postures में sex चला।
दूसरे दिन दोपहर को गेस्ट रूम में फिर से। मोहन ने मुझे थप्पड़ मारा और कहा, "तुम्हारी बारी।" मैंने उन्हें नीचे लिटाया। हमारी बातें witty रहीं। तीसरी रात मास्टर बेडरूम और बालकनी में। पीछे से fuck करते हुए नाइटिन का फोन आया। मैंने बात की, आवाज control में रखी। "सब ठीक है," मैंने कहा जबकि मोहन अंदर घुसा हुआ था।
काम पूरा हुआ, मोहन और उनके आदमी चले गए। लेकिन हर दिन की चुदाई से मैं pills भूल गई। जब फोन पर नाइटिन से बात कर रही थी और मोहन मुझे चोद रहा था, तभी कुछ हुआ। गर्भ ठहर गया।
मोहन ने आखिर में कहा, "अब क्या?" मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अगली रात और भी लंबी होगी।"
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